मस्त विचार 1972
जिस भीड़ में तुम खड़े हो…उसमें कौन तुम्हारा है.
जिस भीड़ में तुम खड़े हो…उसमें कौन तुम्हारा है.
पर कई लोग निगाहों से उतर जायेंगे !!!
सफलता के लिए आशावादी होना जरुरी है. आशावादी रहोगे तभी आपके भीतर मुश्किलों का हल तलाशने का जज्बा भी रहेगा.
दूसरों से अच्छे की उम्मीद से पहले खुद अच्छा बनना चाहिए.
सिर्फ इस उम्मीद के साथ कि कल आज से बेहतर होगा.
पर उसका ढकोसला करने में न तो मिठास है और न स्वाद.
लोग हमेशा कहते थे कि यह असंभव है, _ लेकिन सच्चाई यह है कि यह दुनिया उन लोगों द्वारा बनाई गई है, _ जिन्होंने ऐसे काम किए जिन्हें लोग असंभव समझते थे.
दुखी रह कर गुजारो तो त्रस्त है जिंदगी,
तुलना में गुजारो तो पस्त है जिंदगी,
इंतजार में गुजारो तो सुस्त है जिंदगी,
सीखने में गुजारो तो किताब है जिंदगी,
दिखावे में गुजारो तो बर्बाद है जिंदगी,
मिलती है एक बार, प्यार से बिताओ जिंदगी,
जन्म तो रोज होते हैं, यादगार बनाओ जिंदगी.
_हम किसी चीज़ को बुरा कहते हैं; अच्छा कहते हैं.
_लेकिन वास्तव में हम कुछ नहीं जानते..
_ कुछ लोग जल्दी जा रहे हैं और कुछ देर से जाने वाले हैं..!!