Collection of Thought 565
Inequality is the cause of all local movements.
भला ह्रदय के संकेतों की उपेछा कौन कर सकता है.
क्योकि….वो आपके पीछे अपने जीवन के वो पल खर्च कर रहा है, जो उसको कभी वापस नही मिलेंगे.
खुशी हो या ग़म, बाँट लेंगे आधा आधा हम.
इस पर पैर रखते हो तो ही चुभते हैं.
आख़री वक़्त कह न पाए ये कफ़न ठीक नहीं.
_ जिन्दगी जैसी भी है ,,, आखिर है तो मेरी ..