Collection of Thought 566
“If you wish to be gentle with others, be gentle first with yourself.”
“यदि आप दूसरों के साथ कोमल होना चाहते हैं, तो पहले स्वयं के साथ कोमल बनें”
“यदि आप दूसरों के साथ कोमल होना चाहते हैं, तो पहले स्वयं के साथ कोमल बनें”
चिरागों के जलते ही…बुझा दी जाती हैं “तीलियाँ”.
जो पैसों से नहीं खरीदी जा सकती है.
सुना है दोस्तों के भी दोस्त होते हैं.
क्योंकि धूप कितनी भी तेज क्यों न हो, समंदर कभी सूखा नहीं करते.
ज़मीनों की ज़रूरत न रहेगी तुझे..,
देखना ये है आप पूछ किससे रहे हैं.