मस्त विचार 4450

“मैं अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करूँगा,

_ पर किसी की असलियत को स्वीकार ज़रूर करूँगा.!!”

कुछ चीजें अकड़ की वजह से नही, बल्कि आत्मसम्मान के लिए छोड़नी पड़ती है.
जिसे अपनी क़ीमत पता है, वो समझौता नहीं करता.!!
अपनी कीमत खुद समझो, जो आपको नहीं समझते,

_ उनके सामने झुकना सिर्फ खुद के आत्मसम्मान को गिराना है.!!

आत्म सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं ; जहाँ आपकी मौजूदगी की कद्र न हो, वहाँ बार-बार दस्तक देना छोड़ दीजिए ;

_ याद रखिए, गिड़गिड़ाकर मांगे गए साथ में.. कभी सुकून नहीं मिलता.!!

कुछ सालों बाद हमें ऐसा महसूस होगा, हम जिन चीजों से आज दूर भाग रहे हैं, वही असली चीजें थीं.!!
अपनी कीमत पहचानें, क्योंकि अत्यधिक समझौते व्यक्ति को दूसरों की नजरों में छोटा बना देते हैं.!!
दुनिया में कई लोग मजबूरी में झुक जाते हैं, लेकिन जो अपनी इज्ज़त जानते हैं,
_ वो हालात से भी समझौता नहीं करते.!!
हर इंसान को अपनी बाउंड्रीज खुद बनानी होती हैं..

_ सेल्फ रेस्पेक्ट [आत्म सम्मान ] के बिना इंसान रीढविहीन हो जाता है.!!

बेशक़ समझौता समाधान कर सकता हैं.

_पर खोया हुआ सम्मान कदापि नहीं.!!

समझौतों का ज़माना खत्म हुआ..! अब लोग अपने मन-मुताबिक जीते हैं.!!
हम दूसरों के साथ जो कर जाते हैं, वही अपने हिस्से में आए तो चुभने लगता है..

_ क्योंकि अपनी हर बात के पीछे हमें वजह दिखती है, और दूसरों की वही बात हमें खटकती है.!!

सुविचार 4575

श्रेष्ठ होने और सीमाओं के पार जाने की चाह रखना, मानव स्वभाव का हिस्सा है.

सुविचार 4574

हज़ार टुकड़े होने पर भी दर्पण अपने प्रतिबिम्ब दिखाने की क्षमता को नहीं खोता है,

_ ऐसे ही किसी भी परिस्थिति में हमें अपने अंतर्निहित अच्छे स्वभाव को नहीं खोना चाहिए और न ही उसे प्रतिबिंबित करने की क्षमता को.!!

मस्त विचार 4449

जीवन के उस पड़ाव पर हूँ जहाँ अपना कहने वाले तो बहुत हैं…

परन्तु अपना मानने वाले कोई नहीं…!!

सुविचार 4572

आप जो भी काम करें उसे ख़ुशी से और प्रसन्नतापूर्वक करने की कोशिश करें.

Collection of Thought 1074

Be a free thinker and don’t accept everything you hear as truth. Be critical and evaluate what you believe in…

एक स्वतंत्र विचारक बनें और जो कुछ भी आप सुनते हैं उसे सत्य के रूप में स्वीकार न करें,_ आलोचनात्मक बनें और मूल्यांकन करें कि आप किस पर विश्वास करते हैं…

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