सुविचार 1912

“दर्पण” जब चेहरे का दाग दिखाता है, तब हम “दर्पण” नहीं तोडते, बल्की “दाग” साफ करते हैं, उसी प्रकार, हमारी “कमी” बताने वाले पर “क्रोध” करने के बजाय अपनी “कमी” को दूर करना चाहिए न की कमी बताने वाले से रिश्ता तोडना चाहिए.

सुविचार 1911

दूसरों को स्वयं से नाजायज फायदा उठाने देना, परोपकार नहीं बल्कि मूर्खता है.

सुविचार 1910

क्रोध मनुष्य को अधिकतर तब आता है, जब वह अपने आप को कमजोर या हारा हुआ पाता है.

Collection of Thought 553

“Never win people with argument but defeat them with your Silence… Because people who always want to argue with you, can’t bear your Silence… “Be Silent, Be Wise.

“लोगों को तर्क से कभी मत जीतो, बल्कि अपनी चुप्पी से उन्हें हराओ… क्योंकि जो लोग

हमेशा आपसे बहस करना चाहते हैं, वे आपकी चुप्पी बर्दाश्त नहीं कर सकते…”चुप रहो, समझदार बनो.

सुविचार 1909

मनुष्य के सारे दुःख-दर्दों की जड़ उसके ‘मन’ के उपद्रव हैं. अतः विश्व में से ‘‘दुःख-दर्द’’ गायब करने का एक ही उपाय है कि मनुष्य को ‘मन’ की कार्यप्रणाली बाबत ठीक से शिक्षित किया जाए.
अगर लोग शिक्षित नहीं हैं, तो वे सवाल नहीं कर सकते ;

_यदि वे सवाल नहीं कर सकते, तो वे कुछ भी नहीं बदल सकते.!!

सुविचार 1908

प्रेम में जयपराजय नहीं होती. वहां तो दो का भेद नष्ट हो कर एकीकरण हो जाता है. – आचार्य चतुरसेन

error: Content is protected