मस्त विचार 1864

खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी,

प्यार की मोहताज़ है मेरी जिंदगी,

हस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,

वर्ना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.

मस्त विचार 1863

रिश्तों का एहसास अभी रहने दो,

थोड़ी सी तो प्यास अभी रहने दो.

चन्द चोटों से क्या घबराना,

मनुहार की आस अभी रहने दो.

तपते है कड़ी धूप में, झुलसते हैं,

तब डाल पर फूल कहीं खिलते हैं.

इन फूलों की खुशबु को,

फ़िजा में अभी तुम बिखरने दो.

बेशकीमती है ये आँसुओं के मोती,

अभी न इनको पलकों से बहने दो.

माना खुशी देती है, यादों की अविरल धारा,

क्या हासिल होता है, अतीत में डूबकर,

यादों के काफिलों को शहर से गुजरने दो.

खालीपन में अपनों से मिलकर,

प्रेम के मोती सजने दो.

कोरी आँखों मे ख्वाब भी नहीं आते,

इन आँखों की नमीं अभी रहने दो.

क्या पता कब आ जाये कोई थामने वाला,

काँधे पे सिर रख कर, फुट फुट कर,

गम का समन्दर बहने दो,

एहसास रहने दो, प्यास रहने दो ।।

।। पीके ।।

सुविचार 1988

अगर आप अपनी असफलताओं को याद करके अपने मन को निराश रखने लगे तो कुछ भी बनने की शक्ति समाप्त हो जाती है.

सुविचार 1987

मस्तिष्क पर नियन्त्रण रखने के लिए जरुरी है कि आप के विचार और कार्य दोनों ही श्रेष्ठ हों.

सुविचार 1986

समय अच्छा हो तो _ बन जाते हैं _ सभी साथी ;

लेकिन समय मुश्किल हो तो _ बस खुद पर भरोसा रखना..

सुविचार 1985

आपको रुलाने वाले तो बहुत होंगे, पर जो ख़ुद-ब-ख़ुद आपके लिए रोए,

उसे कभी अपने से दूर न करना..

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