सुविचार 1951
हर बात को ध्यानपूर्वक मन लगाकर सुनना चाहिए, सुनने के बाद यदि जरुरी हो तो गुनना याने उस पर विचार करना चाहिए जब अच्छी तरह समझ आ जाए तब उत्तर देना चाहिए, यदि आप ऐसा करते है तो यकीं मानिये आप कई समस्याओं और विवादों से बच जायेंगे !!!
मस्त विचार 1826
मनाते जो नहीं हो तो सताते क्यों नही हो तुम.
सुविचार 1950
कोई बात तत्काल उसी समय समझ में आ जाती है, कोई कुछ घंटो में समझ आती है, कुछ को कुछ दिन, किसी बात को कुछ महीने और साल लग जाते हैं, कुछ बात दुसरे के दृष्टी कोण से सही होने पर भी हमें समझ नहीं आती, अतः बहस बहुत विचार कर करें और किसी बात को प्रतिष्ठा का प्रश्न कभी न बनायें !!
मस्त विचार 1825
मिला तो रब भी नहीं, पर इबादत कहाँ रुकी हमसे..
Collection of Thought 561
खुदा ने हमें दो उपहार दिये:- एक अच्छा जीवन जीने का विकल्प, और इसे सर्वश्रेष्ठ बनाने का मौका.
सुविचार 1949
“भवनो” से नही “भावना” से महान बनता है.
“उच्चारण” से नही “उच्च – आचरण” से महान बनता है….
मस्त विचार 1824
बदल गए हैं वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे.
सुविचार 1948
; जबकि होना ये चाहिए कि हँसी अपने भीतर से आनी चाहिए..
मस्त विचार 1823
कमजोरों से तो लोग सहानुभूति रखते हैं.



