मस्त विचार 1757
क्यों करते हो गुरुर अपने ठाठ पर,
मुट्ठी भी खाली रहेगी जब पहुँचोगे घाट पर.
मुट्ठी भी खाली रहेगी जब पहुँचोगे घाट पर.
मुस्कुराया कीजिए बड़ा अच्छा लगता है.
इसलिए फूलो की चाहत में काँटे भी चुभते हैं, जो काँटों से राज़ी नही वो फूलों का अधिकारी नही.
और तैयार सदा असफलता के लिए रहो,
तो आप जीवन में कभी निराश नही होओगे.
कुछ इस तरह दर्द भरे हो गए हैं हम..
Protect yourself from thoughts that will instill fear in you.