मस्त विचार 1675
परेशानी का कोई पैमाना नहीं होता साहब,
कुछ लोग तो यही सोच कर परेशान रहते हैं,
ये सामने वाला इतना खुश क्यों है.
कुछ लोग तो यही सोच कर परेशान रहते हैं,
ये सामने वाला इतना खुश क्यों है.
सकारात्मक सोच के साथ आपका सकारात्मक कार्य सफलता की ओर ले जाता है.
वरना समय तय कर लेगा की आपका क्या करना है.
कि दो कौड़ी के लोग खेल कर चले जाएं.
जैसे मिट्टी के गुल्लक में लोहे के सिक्के.
जो आपके आज को बर्बाद कर रही है.
उसे क्या मिटायेगी गर्दिश जमाने की.