मस्त विचार 1657
यूँ रो रो के इश्क को तमाशा ना बनाइये,
जीने की आरजू है तो धोखे भी खाइये !!
जीने की आरजू है तो धोखे भी खाइये !!
जाग जा अब तो फिर कब जागेगा.
जीवन यूँ ही गुजर जाएगा, पड़ा पछताता रह जाएगा.
शिकायत करना, मिन्नतें करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,
कि कोई बात करे तो ठीक, ना करें तो भी ठीक,
क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.
लेकिन ये कभी नहीं जान पाते की हमारे लिए कौन जी रहा है !!
आज के लिए जियो, कल के लिए नहीं, अभी के लिए जियो और यहाँ क्या है, उसके लिए जीना बंद करो जो शायद कभी न आए,,