मस्त विचार 1745

दोस्तों का स्वागत है..!

“दुआ” मिले बड़ो से.. “साथ” मिले अपनों से..

“खुशियां” मिले जग से.. “रहमत” मिले रब से..

“प्यार” मिले सब से.. “यही “दुआ” है रब से..

सब खुश रहे आप से और आप खुश रहे सबसे.!!

“दुनियां के रेन बसेरे में..पता नही कितने दिन रहना है”

“जीत लो सबके दिलो को..बस यही जीवन का गहना है”..!!

सुविचार 1867

जो कभी संघर्ष से परिचित नहीं होता, वो कभी चर्चित नहीं होता,

ज़िन्दगी में हर एक तूफान नुकसान करने नहीं आता,

कुछ तूफान रास्ता साफ करने भी आते हैं.

मस्त विचार 1742

छोटी मगर बहुत बड़ी बात…

“पानी” अपना पूरा जीवन दे कर पेड़ को बड़ा करता है,

इसलिए शायद पानी लकड़ी को कभी डूबने नहीं देता.

सुविचार 1866

कोई किसी के लिए बाधक नहीं होता. जब तक हमें खुद पर और रब पर भरोसा नहीं, हम एक- दूसरे को दोष देते रहेंगे.
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