मस्त विचार 1809
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ.
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ.
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ.
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ.
बस उम्मीद थी….
ऐसे व्यक्ति आपको प्रत्येक परिस्थिति में प्रसन्न दिखेंगे. उनके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान सदैव रहती है जो वो लोगों को अपनी विनम्रता और शालीनता से मुग्ध करने के पश्चात आती है. ये पश्चाताप शब्द की परिधि से कहीं दूर होते हैं और इन्हें बीते कल का पछतावा नहीं होता, ये आज में जीते हैं एवं बेहतर भविष्य की आशा रखते हैं…!!!”
अतीत आपको सिखाने के लिए होता है और कठिन समय आपको मजबूत करने के लिए होता है.
जैसे “बर्फ के पास शीतलता” “अग्नि के पास गरमाहट” और “गुलाब के पास सुगंध”.