सुविचार 4468
कोई भी इंसान महान अपने कर्मों से बनता है,
जायदाद तो खैरात में भी मिल जाती है.
जायदाद तो खैरात में भी मिल जाती है.
_ समय बीतेगा, लोग बदलेंगे…कभी न कभी तो पकड़ा जाऊँगा….!!!
चिरागो को जलाने में जला ली उंगलियां हमने.
जिसने इसकी चिंता छोड़ दी कि दूसरे क्या सोचते हैं.
क्योंकि उस समय उनके सपने पर कोई विश्वास ही नहीं करता.
” जब आप महानता प्राप्त करने की क्षमता रखते हैं तो औसत के लिए समझौता न करें “
पर दर्द जगाता भी है.. ये सब नहीं जानते..
तेरा अगला जख्म भी सह लेंगे, पहले वाला तो भर जाने दे.