सुविचार 4656
पशु न बोलने के कारण कष्ट उठाता है और मनुष्य अधिक बोलने के कारण…
एक ऐसे शख्स की तलाश में हू..
जब वो चीज उसके पास होती है तो उसकी वो कद्र नहीं करता है..!
_ और जो हमें मिला है उसकी कद्र करना भूल जाते हैं.!!
_ ‘मैं ठीक हूं’ तुम दुबारा मेरी फिक्र मत करना.!!
इसका सीधा संबंध है_ _आप उनसे बेहतर हैं “
आप अपनी भावनाओं को तुरंत बदल सकते हैं .. कुछ आनंददायक सोचकर, या कोई गीत गाकर, या एक सुखद अनुभव को याद करके..
हम उन्हीं के पीछे पड़े रहते हैं…
अपनों में से यह पता लगा पाना कि अपना कौन है..