मस्त विचार 1639

पत्थरों के शहर में कच्चे मकान कौन रखता है…

आजकल हवा के लिए रोशनदान कौन रखता है..

अपने घर की कलह से फुरसत मिले तो सुने…

आजकल पराई दीवार पर कान कौन रखता है..

जहां जब, जिसका, जी चाहा थूक दिया.. .

आज कल हाथ में पीकदान कौन रखता है…

खुद ही पंख लगाकर उड़ा देते हैं चिड़ियों को..

आज कल परिंदों मे जान कौन रखता है..

हर चीज मुहैया है मेरे शहर में किश्तों पर..

आज कल हसरतों पर लगाम कौन रखता है..

बहलाकर छोड़ आते है वृद्धाश्रम में मां बाप को…

आज कल घर में पुराना सामान कौन रखता है…

सबको दिखता है दूसरों में इक बेईमान इंसान…

खुद के भीतर मगर अब ईमान कौन रखता है…

फिजूल बातों पे सभी करते हैं वाह-वाह कमेंट्स..

अच्छी बातों के लिये अब जुबान कौन रखता है…

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सुविचार 1764

दुखों की प्राप्ति होने पर जिसका मन विचलित नहीं होता, सुखों की प्राप्ति से भी जो प्रसन्न नहीं होता, तथा जो राग, भय और क्रोध से मुक्त हो गया है, उसे स्थिरबुद्धि कहा जाता है.

Collection of Thought 524

If you don’t build your dream, someone else will hire you to help them build theirs.

यदि आप अपने सपनों का निर्माण नहीं करते हैं, तो कोई और आपको _ उनके सपने को पूरा करने में मदद करने के लिए काम पर रखेगा.

मस्त विचार 1637

जरूरी नहीं कि मिठाई खिलाकर दूसरों का मुंह मीठा करें,

आप मीठा बोलकर भी लोगों को खुशियाँ दे सकते हैं…….!!!!!

सुविचार 1762

आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं, उससे नहीं जो आप कल करेंगे…

मस्त विचार 1635

आप अकेले बोल तो सकते है; परन्तु बातचीत नहीं कर सकते.

आप अकेले आनन्दित हो सकते है; परन्तु उत्सव नहीं मना सकते.

अकेले आप मुस्करा तो सकते है; परन्तु हर्षोल्लास नहीं मना सकते.

हम सब एक दूसरे के बिना कुछ नहीं हैं; यही रिश्तों की खूबसूरती है.

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