मस्त विचार 1634
शर्त है कि पहले जी भर के अँधेरा तो देख.
शर्त है कि पहले जी भर के अँधेरा तो देख.
मनुष्य का बड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन उसके व्यक्तित्व में गहराई और विचारों में शुद्धता भी होनी चाहिए, तभी वह महान बनता है.
काश कोई तो मेरी नजर से भी देखता मुझको.
जब हम किसी स्थिति को बदलने में सक्षम नहीं होते हैं, तो हमें खुद को बदलने की चुनौती दी जाती है.
“कौन” हाथ छुड़ा कर भागता है..और “कौन” हाथ पकड़ कर…
बार बार मरकर देखा तो, जीना सीख गए.
ठोकर खाते रहे, चलते रहे फिर भी हम.
इसी तरह इक दिन हम संभलना सीख गए.
ज़िन्दगी छोटी लगी, और सपने बड़े बड़े.
तन से हारे नहीं, मन से लड़ना सीख गए.
दुख सुख गम ख़ुशी, सबसे एकाकार हुए.
गम को छुपाना और दर्द में मुस्कुराना सीख गए.