मस्त विचार 1617
मैने सर झुकाया कम…….. तेरे एहसान बहुत हैं.
मैने सर झुकाया कम…….. तेरे एहसान बहुत हैं.
नादानीयाँ करते हैं हम, संवारता है वो…..
भूल जाते हैं हम उसे…….मगर याद हमे रखता है वो,….
वक्त नहीं कहके, टालते हैं हम…..मगर खुशीयां बरसाता है वो….
क्या कहूँ मेरे यार के बारे में….
सब कुछ देख कर भी सबको…….अपनी आशीष से नवाजता है वो…
_ वह दूसरों के आगे तुम्हारी निन्दा अवश्य करेगा.
केवल कुछ ही लोग वास्तव में परवाह करते हैं.
बाकी लोग सिर्फ जिज्ञासु हैं या उनके छुपे मकसद हैं.
Be careful who you open up to. Only a few people genuinely care.
The rest are just curious or have hidden motives.
मज़ा तो तब है, वक़्त बदल जाए पर इंसान न बदले.
अपने आप को अपने शरीर से परिभाषित न करें .. यह अनंत है जो ब्रह्मांड में हर चीज से जुड़ा है.
और अगर शुरुआत अच्छी हुई तो समझना कि मुझे हर काम को सुंदरता से ही करना होगा,
क्योंकि जीवन ने मुझ पर भरोसा किया है…
क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”