मस्त विचार 1799
तेरी बंदगी से मिली है मेरे वजूद को शोहरत,
मेरा जिक्र ही कहाँ था तेरी रहमतों से पहले …
मेरा जिक्र ही कहाँ था तेरी रहमतों से पहले …
वहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगे, जहाँ पहुँचना चाहते हैं.
आगे का रास्ता वहां पहुँचने के बाद, दिखने लगेगा.
जिनके दिल में नेकी होती है ..उनके आगे मंजिले भी सर झुकाती है !!
” कोशिश करने से ही ” सुंदर कल मिलता है “