सुविचार 1815
हो सकता है कि हर कर्म आप को सुख न दे, किन्तु यह निश्चित है कि कर्म के बिना सुख नहीं मिल सकता.
गरूर में रहोगे तो रास्ते भी न देख पाओगे.
आइए हम हमेशा एक – दूसरे से मुस्कान के साथ मिलें, क्योंकि मुस्कान ही प्यार की शुरुआत होती है.
और अच्छे लोगों की भीड़ नहीं होती.
जलवे दिखाते हैं…दोस्त तो क्या, दुश्मन भी याद रखते हैं.
जबकि असफल व्यक्ति लोगों को असफल होते देखना चाहते हैं…