सुविचार 1733
इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है: – पहली उसमें नम्रता होती है, दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है, और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है.
इसी तरह से परिपक्व व्यक्ति की भी तीन पहचान होती है: – पहली उसमें नम्रता होती है, दूसरे उसकी वाणी मे मिठास होता है, और तीसरे उसके चेहरे पर आत्मविश्वास का रंग होता है.
और इससे भी ज्यादा बुरा है झूठी उम्मीद का जिंदा रहना.
कांटो के मुसल्ले पे जैसे, गुलाब की नमाज हो जाए !!
रब राजी है जब तक मेरा,
मलंग की औकात नहीं, वो किसी से नाराज हो जाए !!
_ चुप हो कर मेहनत करें। जब आपका वक्त आएगा तो इसके साथ गर्जन एवमं ताकत दोनों होगा….!!!
_ समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं..
मुस्कुराते होठों पर कभी गाली नही होती…
जो बन्दा झुक जाए तेरे द्वारे जाके…
उसकी झोली कभी खाली नही होती.!!