मस्त विचार 1686
तहजीब सीखा दी मुझे एक छोटे से मकान ने,
दरवाजे पर लिखा था थोड़ा झुक कर चलिये.
दरवाजे पर लिखा था थोड़ा झुक कर चलिये.
इसलिए मैंने तुम्हें सोचना बंद, और जीना शुरू कर दिया है.
जिसे अपनी ऊंचाई पर यकीन नहीं होता है.
जीवन को पूरी तरह से जिएं, और सकारात्मक पर ध्यान दें.
छोटी सी है जिन्दगी हँस के गुजार दो.
वे बाहर की दौड़ छोड़ देते हैं.