मस्त विचार 1746
नजदीकियां कितनी खास थी….!!
सुविचार 1871
यद्यपि कोई दुखी होना नहीं चाहता फिर भी दुखी होता है, दुखी होना ही पड़ता है ! जीवन में सुख और दुःख दोनों आते जाते रहते हैं इन्हें भोगना ही पड़ता है, लेकिन इनको भोगने में एक फर्क यह होता है की सुख भोगते समय हमें वक़्त का पता ही नहीं चलता, इसलिए सुख हमें कम मालूम होता है, और दुःख भोगते समय हमें लम्बा और भारी मालूम होता है, इसलिए दुःख ज्यादा मालूम होता है ! अतः विवेक से काम लिया जाए तो दुःख की महत्ता और उपयोगिता को समझ कर दुःख की पीड़ा को कम किया जा सकता है !!!
सुविचार 1870
किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी दिल में न पालें, इसके आधार पर कोई भी सम्बन्ध न तोड़ें, जब भी किसी बात पर शंका हो, बातचीत के जरिये उसे सुलझाने का प्रयास करें, याद रखें ज्यादात्तर गलतफहमी हमारे शंकालु दिमाग या परिस्थितियों की उपज होती है !!!
मस्त विचार 1745
“दुआ” मिले बड़ो से.. “साथ” मिले अपनों से..
“खुशियां” मिले जग से.. “रहमत” मिले रब से..
“प्यार” मिले सब से.. “यही “दुआ” है रब से..
सब खुश रहे आप से और आप खुश रहे सबसे.!!
“दुनियां के रेन बसेरे में..पता नही कितने दिन रहना है”
“जीत लो सबके दिलो को..बस यही जीवन का गहना है”..!!
सुविचार 1869
मस्त विचार 1744
मेरे चहरे पर कोई जंची ही नहीं.
सुविचार 1868
मस्त विचार 1743
जब हकीकत यही है, तो इंसान को गरूर किस बात का है.
सुविचार 1867
ज़िन्दगी में हर एक तूफान नुकसान करने नहीं आता,
कुछ तूफान रास्ता साफ करने भी आते हैं.





