सुविचार 1834

जब कहने के लिए हमारे पास कुछ भी नहीं हो, तो चुप रहना ही एकमात्र बेहतर विकल्प है.

मस्त विचार 1707

ऐ ज़िंदगी…मुश्किलों के सदा हल दे…

थक न सकें हम…फुर्सत के कुछ पल दे…

दुआ है दिल से…सबको सुखद आज…और बेहतर कल दे….!

सुविचार 1832

वक्त आपका है चाहे तो सोना बना लो और चाहे तो सोने में गुजार दो,

दुनिया आपके उदाहरण से बदलेगी आपकी राय से नहीं…

सुविचार – 1831

चेतना का विस्तार हमें अधिक लचीला और कम जिद्दी बनाता है. यह फलों से लदे पेड़ की भाँति है.

_ लचीला पेड़ झुक कर अधिक से अधिक फलों को संभाले रखता है, जबकि सख्त पेड़ टूट जाता है.

error: Content is protected