क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है.
मस्त विचार 1637
जरूरी नहीं कि मिठाई खिलाकर दूसरों का मुंह मीठा करें,
आप मीठा बोलकर भी लोगों को खुशियाँ दे सकते हैं…….!!!!!
सुविचार 1762
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं, उससे नहीं जो आप कल करेंगे…
मस्त विचार 1636
हो मुखातिब तो कहूँ क्या हाल है मेरा,
अब दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही लिखेंगे.
सुविचार 1761
समस्या का नहीं समाधान का हिस्सा बनें……
मस्त विचार 1635
आप अकेले बोल तो सकते है; परन्तु बातचीत नहीं कर सकते.
आप अकेले आनन्दित हो सकते है; परन्तु उत्सव नहीं मना सकते.
अकेले आप मुस्करा तो सकते है; परन्तु हर्षोल्लास नहीं मना सकते.
हम सब एक दूसरे के बिना कुछ नहीं हैं; यही रिश्तों की खूबसूरती है.
मस्त विचार 1634
रात की मुट्ठी में सवेरा भी है,
शर्त है कि पहले जी भर के अँधेरा तो देख.
सुविचार 1760
तालाब सदा कुँऐ से सैंकड़ों गुना बड़ा होता है फिर भी लोग कुँऐ का ही पानी पीते हैं; क्योंकि कुँऐ में गहराई और शुद्धता होती है.
मनुष्य का बड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन उसके व्यक्तित्व में गहराई और विचारों में शुद्धता भी होनी चाहिए, तभी वह महान बनता है.
मस्त विचार 1633
हर एक ने देखा मुझे अपनी नजरों से,
काश कोई तो मेरी नजर से भी देखता मुझको.
Collection of Thought 523
When we are no longer able to change a situation, we are challenged to change ourselves.
जब हम किसी स्थिति को बदलने में सक्षम नहीं होते हैं, तो हमें खुद को बदलने की चुनौती दी जाती है.




