सुविचार 1826
दूसरों को समझना समझदारी है, लेकिन खुद को समझना सच्ची समझदारी है.
दूसरों को नियंत्रित करना बल है, लेकिन खुद को नियंत्रित करना वास्तविक आत्मबल है.
दूसरों को नियंत्रित करना बल है, लेकिन खुद को नियंत्रित करना वास्तविक आत्मबल है.
उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते.
_ खबर नहीं के ये ” आ रहे ” हैं या ” जा रहे ” हैं !!!
मैं सफलता की कीमत जानता हूं: समर्पण, कड़ी मेहनत और उन चीजों के प्रति अडिग समर्पण जो आप देखना चाहते हैं.
आज हंसने वाले कल तालियां भी बजायेंगे..
और आने वाले पल में नये ताजा हो जाओ.
पर कठिनाई आने पर ही अकेला व्यक्ति मजबूत होना सीख जाता है.