मस्त विचार 1731
“दो पल” की जिन्दगी के “दो” नियम,
निखरो फूलों की तरह और बिखरो “खुशबू की तरह”.
निखरो फूलों की तरह और बिखरो “खुशबू की तरह”.
भरोसे पे शक है और अपने शक पे भरोसा है.
बल्कि अच्छा बनने के लिए जीओ.
जहां भी अकड़ा आदमी देखो _ समझना नकली आदमी है ..
वक़्त आने पर बता देगा, किसका कौन है !!
कि लोग आपको हराने के लिए कोशिशें नहीं,,,,,साजिशें करने लगें.