सुविचार 1759
हमारी परेशानियों की दो वजह है एक तो हम वक्त से पहले मांगते हैं और दूसरी वजह हम तकदीर से ज्यादा चाहते हैं.
“कौन” हाथ छुड़ा कर भागता है..और “कौन” हाथ पकड़ कर…
बार बार मरकर देखा तो, जीना सीख गए.
ठोकर खाते रहे, चलते रहे फिर भी हम.
इसी तरह इक दिन हम संभलना सीख गए.
ज़िन्दगी छोटी लगी, और सपने बड़े बड़े.
तन से हारे नहीं, मन से लड़ना सीख गए.
दुख सुख गम ख़ुशी, सबसे एकाकार हुए.
गम को छुपाना और दर्द में मुस्कुराना सीख गए.
सच तो ये है कि वहाँ भी तुम थे…..
नए मौसम का पता बता, जो गुजर गया, वो गुजर गया.
वास्तव में चिंता तो आपको तब करनी चाहिए, जब आप खुद को नहीं समझ पाते..
आपके अच्छे कर्म आपको वो सब देंगे, जो हर हाल में आपका है..