उलझनें मीठी भी हो सकती हैं, जलेबी की मिठाई इसका सुबूत हैं.
मस्त विचार 1713
कभी- कभी लोग इसलिए सच नहीं सुनना चाहते,
क्योंकि वे अपने भ्रम को टूटने नहीं देना चाहते.
सुविचार 1838
भूत भविष्य और वर्तमान…..
वर्तमान को सुधारिए, भविष्य अपने आप सुधर जाएगा ! जो भविष्य की ज्यादा फ़िक्र करता है उसका वर्तमान बिगड़ने लगता है! अतः भूत भविष्य की ज्यादा न सोचे वर्तमान पर ध्यान केन्द्रित करे ! क्यूंकि गुजरा हुआ समय आता नहीं और जो आता है वो भी वर्तमान बनकर ही आता है !!
मस्त विचार 1712
अगर “जिंदगी” को “कामयाब” बनाना हो तो याद रखें,
“पाँव” भले ही “फिसल” जाये पर “जुबान” को कभी मत फिसलने देना..
सुविचार 1837
यदि आप कुछ भी खाते समय उतना ही प्लेट में लें,
कि कुछ भी व्यर्थ ना जाए तो यह भी “अन्न दान” है.
सुविचार 1836
लाख जमाने भर की डिग्रीयाँ हो हमारे पास,
अपनों की आँखों से छलकते आँसू नहीं पढ़ पाये तो “अनपढ़” हैं हम.
मस्त विचार 1711
मैंने देखा हैं अक्सर,
बेगुनाहों के पास….सबूत कम पड़ जाते हैं.
सुविचार 1835
मनुष्य को अपने ऊपर ही विश्वास नहीं है कि वह सुखी जीवन जी लेगा.
मस्त विचार 1710
उम्र का बढ़ना तो दस्तूर-ए जहाँ है …
महसूस ना करो तो बढ़ती कहाँ है …
सुविचार 1834
जब कहने के लिए हमारे पास कुछ भी नहीं हो, तो चुप रहना ही एकमात्र बेहतर विकल्प है.




