मस्त विचार 1683
दुनिया का बोझ जरा दिल से उतार दो,
छोटी सी है जिन्दगी हँस के गुजार दो.
छोटी सी है जिन्दगी हँस के गुजार दो.
वे बाहर की दौड़ छोड़ देते हैं.
जो नही कर सकते अपना दर्द-ए-दिल बयां,
मैं उन सब के लिए लिखता हूँ.
_ खुला हो दरवाज़ा, फिर भी खटखटाना पड़े ..
आपको डराने वाली कोई एक चीज़ रोज़ाना करें.