सुविचार 1808

यदि किसी भूल के कारण आपका कल का दिन दुःख में बीता तो, उसे याद कर आज का दिन व्यर्थ ना गंवाये.

मस्त विचार 1681

कुछ अपने लिए लिखता हूँ कुछ रब के लिये लिखता हूँ,

जो नही कर सकते अपना दर्द-ए-दिल बयां,

मैं उन सब के लिए लिखता हूँ.

सुविचार 1806

क्रोध और आंधी दोनों बराबर… शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ …

मस्त विचार 1680

अपनों से कभी दुरी इतनी ना बढ़ाएं कि _

_ खुला हो दरवाज़ा, फिर भी खटखटाना पड़े ..

कुछ दरवाजे कभी बंद नहीं हुआ करते हैं,,

_ बस हम ही खटखटाना छोड़ देते हैं…!!
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