Collection of Thought 521
सकारात्मक और खुश रहें, _ अपने आप को खुश मिज़ाज और सच्चे लोगों से घेरें.
सकारात्मक और खुश रहें, _ अपने आप को खुश मिज़ाज और सच्चे लोगों से घेरें.
दुनिया में नब्बे प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो कब आते हैं और कब चले जाते हैं, कोई नहीं जानता. उनके बारे में इतिहास में कुछ लिखा नहीं जाता. ये लोग थोक में आते हैं और फुटकर में चले जाते हैं. केवल दस प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जो पृथ्वी पर आने के बाद यह निर्णय लेते हैं कि मै यूँ ही नहीं मरने वाला. मै कुछ अलग करके जाऊँगा.
जीना भी एक कला है, जीते तो सभी हैं, लेकिन कलापूर्ण एवं सफल जीवन जीना एक कला से कम नहीं.
जीवन में कुछ बातों को अपनाने एवं कुछ बातों को त्यागने से आने वाली मुसीबतों से बचा जा सकता है.
जो जिये अपने लिए तो क्या जिये, जी सको तो जियो हजारों के लिए.
अपने पे भरोसा है तो एक दाँव लगा ले,
डरता है जमाने की निगाहों से भला क्यों ?
इन्साफ तेरे साथ है इल्ज़ाम उठा ले,
क्या ख़ाक वो जीना है जो अपने ही लिए हो,
खुद मिट के किसी और को मिटने से बचा ले,
टूटे हुए पतवार है कश्ती के तो हम क्या,
हारी हुई बाहों को ही पतवार बना दे.
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिए.
_ फिर दुख हमसे स्वतः ही दूर होता चला जाएगा.
_ अपने दिमाग को उस माहौल के हिसाब से ढालने की कोशिश करें..