मस्त विचार 1504
तू मत बना किनारों को, ये किनारे टूट जाते हैं.
तू मत बना सहारों को, ये सहारे छूट जाते हैं.
मुसीबत में कहां कोई काम आता है,
ये आदत है जहां वालों की, ये अक्सर रूठ जाते हैं.
तू मत बना सहारों को, ये सहारे छूट जाते हैं.
मुसीबत में कहां कोई काम आता है,
ये आदत है जहां वालों की, ये अक्सर रूठ जाते हैं.
मैं सफलता की कुंजी नहीं जानता, लेकिन असफलता की कुंजी सभी को खुश करने की कोशिश करना है.
तूने ही मुझको जीना सीखाया.
ऎसा ज्ञान तूने दिया है.
बदल दिया जीवन मेरा सारा.
कैसे उतारूँ ये कर्जा तुम्हारा.
तूने ऐसी पिलाई निखर गया हूँ.
दुःख और गम सब भूल गया हूँ.
तेरे हाथों में पड़ कर खिल गया हूँ.
लेकिन कभी नहीं भूलते वो जो आप के कहने से वो महसूस करते हैं.