मस्त विचार 1644

 

भाव शून्य सा, निरंतर बिन जल

आँसुओ से खुद को सींचता हूँ मैं

तुम खड़े हो साथ, बस इस आस में जी रहा हूँ मैं

दबे पाँव बे गैरत, जिंदगी झुका रही

आहिस्ता आहिस्ता, मोहवश जी रहा

राह उसकी तक रहा मैं..

Collection of Thought 525

Life isn’t about how many breaths you take but about the moments that take your breathe away.

जीवन इस बारे में नहीं है कि आप कितनी सांसें लेते हैं बल्कि उन पलों के बारे में है जो आपकी सांस को रोक लेते हैं.

मस्त विचार 1642

सुमिरन करो जी सुमिरन…

ना घटने का डर, ना लुटने का डर, ना जरूरत वारीस की, ना तालों की.

नींद आती है सकुन की हर रोज ..यही है सच्ची दौलत बिन दौलत वालों की.

सुविचार 1766

बने- बनाए रास्तों पर चलने वाले लोग अक्सर पिछड़ जाते हैं, क्योंकि इन रास्तों में भीड़ बहुत ज्यादा होती है.

नया रास्ता बनाने में समय लगता है, लेकिन दूसरों से आगे निकलने का, यही एकमात्र तरीका है.

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