सुविचार 1619
_ उससे किसी भी बहस में न उलझने में ही बुद्धिमत्ता समझिए.
_ फिर भी लोग अपने हिसाब से ही आप के शब्दों का अर्थ निकालते हैं..!!
_ उससे किसी भी बहस में न उलझने में ही बुद्धिमत्ता समझिए.
_ फिर भी लोग अपने हिसाब से ही आप के शब्दों का अर्थ निकालते हैं..!!
“खुशी” उपलब्धि की खुशी और रचनात्मक प्रयास के रोमांच में निहित है.
स्वयं पर विश्वास रखिये आप बहुत कुछ बन सकते हैं, हो सकते हैं, कर सकते हैं ! विश्वास एक ऐसी खाद है जो न सिर्फ आपको विकसित करती है बल्कि विपरीत स्थितियों में संघर्ष करने की क्षमता भी आप में पैदा करती है ! अतः निराशा और हताशा को छोडिये और आत्म विश्वासी बनिए !!! जीवल मूल्यवान ही नहीं अमूल्य है जीवन है तो सब कुछ है इसे आत्मविश्वासी रूपी अस्त्र से सजाइए संवारिये !!!
जाती हुई जवानी, आता बुढ़ापा देखा,
बदलती रुतों – रुखों का ढलता साया देखा,
जो बदले वो दुनिया, न बदला कभी वो खुदा देखा.
और यदि आप सबसे खुश हैं तो ये निश्चित है कि आपने लोगों कि बहुत सी गलतियों को नजरअंदाज किया है.
परखो तो कोई अपना नही, समझो तो कोई पराया नहीं…
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यदि आप दुसरो के कामो में अपना ध्यान ज्यादा देने लगेंगे तो निश्चित ही आप अपने कामो में पिछड़ने लगेंगे !!! अतः स्वकेंद्रित रहें सफलता के लिए ये जरुरी है !!!
खुशी प्रार्थना है; खुशी ताकत है; आनंद प्रेम है; आनंद प्रेम का जाल है जिसके द्वारा आप आत्माओं को पकड़ सकते हैं.