मस्त विचार 1613
क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”
क्यूंकि “खुदा वो नही देता जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि “खुदा वो देता हे जो आपके लिये अच्छा होता है”
नेकी तेरी कहीं तुला पर तुले ना तुले,
मांग ले अपनी गलतियो की माफी खुद से,
क्या पता आँख कल ये खुले ना खुले.
थोड़े फूल हैं काँटे हैं जो तक़दीर ने बाँटे हैं,
अपना-अपना हिस्सा है अपना-अपना किस्सा है,
कोई लुट जाता है कोई लूट जाता है,
शीशा हो या दिल हो आख़िर टूट जाता है.
_ मैं क्या करूं मेरा वजूद ही चंदन का है…!!
यकीन आ जाता है की खुशियो का ताल्लुक दौलत से नहीं है.
जीवन को रचनात्मक रूप से जीने के लिए पर्याप्त बहादुर बनें, रचनात्मक स्थान जहाँ कोई और कभी नहीं गया.