सुविचार 1562
कल की कमियों को लेकर धैर्य न खोएं.
कल की कमियों को लेकर धैर्य न खोएं.
लेकिन हर कोई उसे देख नहीं पाता.
यदि आप हर भोकने वाले कुत्ते को पत्थर मारेंगें.
जरुरी ये है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं.
सुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रख,
लालच डिगा न पाए तुझे आंखो का नीर ज़िंदा रख,
इन्सानियत सिखाती जो मन में वो पीर ज़िंदा रख,
हौसले के तरकश में कोशिश का तीर ज़िंदा रख !!
1. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने खूबसूरत हैं, क्योंकि..लँगूर और गोरिल्ला भी अपनी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित कर लेते हैं..
2. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका शरीर कितना विशाल और मज़बूत है, क्योंकि…श्मशान तक आप अपने आपको नहीं ले जा सकते….
3. आप कितने भी लम्बे क्यों न हों, मगर आने वाले कल को आप नहीं देख सकते….
4. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी त्वचा कितनी गोरी और चमकदार है, क्योंकि…अँधेरे में रोशनी की जरूरत पड़ती ही है…
5. कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने अमीर हैं और दर्जनों गाड़ियाँ आपके पास है, क्योंकि…घर के बाथरूम तक आपको चल के ही जाना पड़ेगा…
💥 इसलिए संभल के चलिए … ज़िन्दगी का सफर छोटा है।।
सही रवैया अपनाने से नकारात्मक तनाव को सकारात्मक में बदला जा सकता है.
अक्सर लोग हिम्मत हार जाते हैं.
कुछ कही, कुछ अनकही,
जो कही तो कहकहे हो गए,
किसी को कुछ कहा किसी को कुछ
यूँ ही बेवजह फासले हो गए
फासले जो दरमियाँ यूँ हो गये,
कुछ बात जुबां पे आई,
कुछ जुमले अंदर ही रह गये ।
कुछ बताया,कुछ छुपाया,
बताते छुपाते रिश्तों के धागे
सरे बाज़ार नीलाम हो गये ।
पत्ते क्या झड़े शाख से,
तोड़ने टहनियां,
लकड़हारे निकल गये ।
बासंती हवा सा अपनों का मिलना,
गर्म लू सा किसीका बिछड़ जाना ।
क्या कहना,क्या छुपाना ?
फासलों को छोड़ दिया तो,
हर कहकहे गीत हो गये ।
।। पीके ।।