मस्त विचार 1459
पर लोग कैचियाँ चला कर, सारा फ़साना ही बदल देते हैं.
पर लोग कैचियाँ चला कर, सारा फ़साना ही बदल देते हैं.
_ बातें भूल भी जाऊँ पर लहजा याद रखता हूँ..!!
**जब जड़ों में ज़ख्म लगते हैं,* *तो टहनियाँ भी सूख जाती हैं…*
– यह ऎसी नीति है, जिसे घर के बड़े बुजुर्ग हमेशा सीखाते हैं, _ इसे लागू करें फिर नतीजा देखें.
_ चंद लम्हों के बदले में वो आपको बरसों का तजुर्बा देते हैं..
_ लम्हों में कैद हो गया जैसे सदियों का राज….!!
_ किस्सा सुना रहा था एक बुजुर्ग जिंदगी का..!!
नज़र उसे ही पसंद करती है जो नसीब में नही होता.
खुशी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे आप अनुभव करते हैं; यह कुछ ऐसा है जो आपको याद है.
लेकिन कुछ लोग हमें बेजुबां समझ लेते हैं.