Collection of Thought 469
अपने खुद के सपनों का निर्माण करें, नहीं तो कोई और आपको अपने सपनों के निर्माण के लिए रखेगा.
मस्त विचार 1423
_ और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!
_ हममें ऐसा कुछ नहीं कि हम कुछ कर पाएं..
_ “”रस्सी खोलिए”” आप सब कर सकते हैं, …कीजिए..
_ वो कीजिए, जिससे आपका जीवन संवरे.. सबका जीवन संवरे..
_ रस्सी का भय छोड़िए..!!
मस्त विचार – जीना इसी का नाम है – 1422
चलो सब गिले शिकवे भूल जाते हैं,
आओ सब गले मिल जाते हैं।
गलतफहमियों में क्यों बरबाद करते हैं,
जीवन के कीमती लम्हे,
चलो सब घुलमिल जाते हैं।
अपनों को अपनों से मिलाते हैं,
आपस के भेद मिटाते है,
दूसरे के गम पर,
हम भी आँसू बहाते है,
खुशियों में संग खुशियां मनाते है।
कुछ बढ़ा कर, कुछ घटा कर,
अब ना दुरी बढ़ाते है,
कुछ जोड़ कर, कुछ छोड़ कर, चल,
दिलों को दिल से मिलाते है ।
जीवन की इस आपाधापी में,
कुछ दौड़ जरुरी है,
कुछ हो जाती है गुस्ताखियाँ,
आखिर ये भी तो मज़बूरी है,
चलो, सब भूल कर, अब झुक जाते हैं ।
खुद जीते हैं, औरों को भी जीना सिखाते है।
पास रह कर भी, क्यों दूर चले जाना,
मंजिल अलग अलग है,
मगर एक ही रास्ते से तो है, हमें जाना,
चलो बोलते, बतियाते, सबका दिल बहलाते हैं।
जरूरतें पूरी करते करते,
किस दौड़ में हो गए शामिल,
हसरतों का कोई मुकाम नहीं होता,
अंधी दौड़ का अच्छा अंजाम नहीं होता,
चलो थोड़ा रुक जाते है,
फिर से इक इक मोती पिरोकर,
रिश्तों की माला बनाते है ।
चलो सब मिल जाते हैं ।
।। पीके। ।।
सुविचार 1526
मस्त विचार 1421
जमीन पर बैठ कर क्या आसमान देखता है.
सुविचार 1525
Collection of Thought 468
मस्त विचार 1420
यहाँ तो पाले हुए भी गैरों की छत पर उतरते हैं.




