सुविचार 1527

माना कठिनाई आने से आदमी अकेला हो जाता है, पर कठिनाई आने पर ही अकेला व्यक्ति मजबूत होना सीख जाता है.

Collection of Thought 469

Build your own dreams, or someone else will hire you to build theirs.

अपने खुद के सपनों का निर्माण करें, नहीं तो कोई और आपको अपने सपनों के निर्माण के लिए रखेगा.

मस्त विचार 1423

एक रस्सी है, _ जिसका एक सिरा ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है और दूसरा औकात ने,

_ और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!

हम सभी मन की कमज़ोर रस्सियों से बंधे पड़े हैं और यही सोच कर बैठ जाते हैं कि हम क्या कर सकते हैं, .. हम कुछ नहीं कर सकते..!!

_ हममें ऐसा कुछ नहीं कि हम कुछ कर पाएं..

_ “”रस्सी खोलिए”” आप सब कर सकते हैं, …कीजिए..

_ वो कीजिए, जिससे आपका जीवन संवरे.. सबका जीवन संवरे..

_ रस्सी का भय छोड़िए..!!

मस्त विचार – जीना इसी का नाम है – 1422

।। जीना इसी का नाम है। ।।

चलो सब गिले शिकवे भूल जाते हैं,

आओ सब गले मिल जाते हैं।

गलतफहमियों में क्यों बरबाद करते हैं,

जीवन के कीमती लम्हे,

चलो सब घुलमिल जाते हैं।

अपनों को अपनों से मिलाते हैं,

आपस के भेद मिटाते है,

दूसरे के गम पर,

हम भी आँसू बहाते है,

खुशियों में संग खुशियां मनाते है।

कुछ बढ़ा कर, कुछ घटा कर,

अब ना दुरी बढ़ाते है,

कुछ जोड़ कर, कुछ छोड़ कर, चल,

दिलों को दिल से मिलाते है ।

जीवन की इस आपाधापी में,

कुछ दौड़ जरुरी है,

कुछ हो जाती है गुस्ताखियाँ,

आखिर ये भी तो मज़बूरी है,

चलो, सब भूल कर, अब झुक जाते हैं ।

खुद जीते हैं, औरों को भी जीना सिखाते है।

पास रह कर भी, क्यों दूर चले जाना,

मंजिल अलग अलग है,

मगर एक ही रास्ते से तो है, हमें जाना,

चलो बोलते, बतियाते, सबका दिल बहलाते हैं।

जरूरतें पूरी करते करते,

किस दौड़ में हो गए शामिल,

हसरतों का कोई मुकाम नहीं होता,

अंधी दौड़ का अच्छा अंजाम नहीं होता,

चलो थोड़ा रुक जाते है,

फिर से इक इक मोती पिरोकर,

रिश्तों की माला बनाते है ।

चलो सब मिल जाते हैं ।

।। पीके। ।।

सुविचार 1526

कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते हैं, और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल लेते हैं.
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