मस्त विचार 1519
मैं जलूंगा तो मेरे घर में उजाले होंगे.
मैं जलूंगा तो मेरे घर में उजाले होंगे.
गुलाब कांटो भरी शाख पर ही खिलता है.
जब हम विश्लेषण करते हैं कि हम निर्णय कैसे लेते हैं, तो हम दिल और दिमाग की परस्पर क्रिया को देखते हैं.
अपने सभी खुशी के पलों को संजोएं: वे बुढ़ापे के लिए एक अच्छा तकिया बनाते हैं.
दुख की थोड़ी सी सलवट है, सुख के कुछ फूल सुहाने हैं. क्यों सोचे आगे क्या होगा, अब कल के कौन ठिकाने हैं, ऊपर बैठा वो बाजीगर, जाने क्या मन में ठाने है. चाहे जितना भी जतन करे, भरने का दामन तारों से, झोली में वो ही आएँगे, जो तेरे नाम के दाने है..!
प्रेरणा अंतर्मन से निकली हुए अग्नि होती है, कभी कभी ये दुसरे के प्रभाव से भी उत्पन्न होती है किन्तु वो ज्यादा देर तक टिक नहीं पाती ! अतः सदेव अंतर्मन से प्रेरणा लें, यदि किसी अन्य स्त्रोत से मिल भी जाए तो यथा संभव उसे अपने अंतर्मन से एकाकार कर लेवे ताकि वो स्थाई हो सके !!!