Collection of Thought 503
जब आप हवा की दिशा नहीं बदल सकते, तो बस अपने पाल को समायोजित करें.
जब आप हवा की दिशा नहीं बदल सकते, तो बस अपने पाल को समायोजित करें.
आत्म नियंत्रण से असीम और अदभुत शक्ति प्राप्त होती है! आत्म नियंत्रण के लिए धैर्य, संतोष अनिवार्य है! धैर्य से संतोष प्राप्त किया जा सकता है और इन दोनों से आत्म नियंत्रण! किसी भी बात या वस्तु का सही विशलेषण करना आत्म नियंत्रण द्वारा ही संभव है !!! आत्म नियंत्रित व्यक्ति कभी भी गलत प्रतिक्रिया नहीं देता, वो स्वयं स्थिर रहता हुआ हर बात पर उचित निराकरण करता है !!!
सब बड़े ये तय तो कर लें, सब से बड़ा कौन है…!!!
जिंदगी भर ये तकरार किस के लिए
जो भी आया हैं वो जायेगा एक दिन
फिर ये इतना अंहकार किसके लिए.
बल्कि इसलिए की हम शुक्रगुजार हैं, जो कुछ हमारे पास है.
_जब आपने उन चीज़ों के लिए प्रार्थना की थी.. _ जो अब आपके पास हैं.
Remember the days you prayed for the things you have now.
तुम इस जड़ को शब्द दो,
और ये तुमसे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
तुम इस मन को सुख दो, तुम इस मन को विश्वास दो,
तुम इस मन को राह दो,
ये तुम्हे प्यार न करता हो, ये कैसे हो.
तुम इस बुद्धि को समझ दो, तुम इस बुद्धि को ज्ञान दो,
तुम इस बुद्धि को कल्पनाएं दो,
ये तुम्हे प्यार न करती हो, ये कैसे हो.
बस इसी प्यार के सहारे ये जड़ मन बुद्धि जीवित है.
आपके ही तो सहारे हम इस मुश्किल राह पर चलने के लिए प्रेरित हैं.
इसीलिए तो आ जाते हैं हम आपके बुलाने पर.
तुम इस जड़ को प्राण दो, तुम इस जड़ को धड़कन दो,
कभी – कभी रुकना कमजोरी का संकेत होता है, _ कभी – कभी जाने देना ताकत की निशानी है.