सुविचार 1624
दुख हमारे जीवन में परीछाओं की वे घड़ियाँ हैं, जिन घड़ियों में हम हमारे जीवन के सबक को सीखते हैं. कारण यह है कि दुख की स्थितियाँ हमारे जीवन में एक ऐसा माहौल तैयार करती हैं, जिसमे से गुजर कर हमारी उन्नति होती है.
तू मत बना सहारों को, ये सहारे छूट जाते हैं.
मुसीबत में कहां कोई काम आता है,
ये आदत है जहां वालों की, ये अक्सर रूठ जाते हैं.
मैं सफलता की कुंजी नहीं जानता, लेकिन असफलता की कुंजी सभी को खुश करने की कोशिश करना है.
तूने ही मुझको जीना सीखाया.
ऎसा ज्ञान तूने दिया है.
बदल दिया जीवन मेरा सारा.
कैसे उतारूँ ये कर्जा तुम्हारा.
तूने ऐसी पिलाई निखर गया हूँ.
दुःख और गम सब भूल गया हूँ.
तेरे हाथों में पड़ कर खिल गया हूँ.
लेकिन कभी नहीं भूलते वो जो आप के कहने से वो महसूस करते हैं.