सुविचार 4689
दिल की किताब को बारीक़ी से पढ़े बिना महज़ किताबें पढ़ते रहना किसी काम का नहीं.
अब हम लोगों से नहीं खुद से इश्क़ करते हैं.
अपनी महानता और भाग्य पर संदेह करना बंद करो..
दबे- दबे जीने का क्या मजा ??
_ उसी प्रकार वर्तमान में किए गए हर छोटे प्रयास भविष्य में बड़े परिवर्तन की ओर ले जाते हैं.!!
_ वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है.
_ जीवन में कितना कुछ खो गया, इस पीड़ा को भूल कर, क्या नया कर सकते हैं, इसी में जीवन की सार्थकता है….
खुशी दिखाकर अंदर ही अंदर जल रहे हैं लोग..
आख़री पल समझ के जी ले…..