मस्त विचार 4484
कमज़ोर पड़ गया है मुझसे तुम्हारा ताल्लुक।।
या कहीं और सिलसिले मजबूत हो गए हैं..।।
या कहीं और सिलसिले मजबूत हो गए हैं..।।
पर एक शख्स है नासमझ मुझे बेहतरीन कहता है.
उसी को इस संसार में रहने का ढंग आ गया …
” जब भीतर कोई दुश्मन नहीं है, तो बाहर के दुश्मन आपको चोट नहीं पहुंचा सकते ”
जिंदगी गुज़ारने के दो ही तरीके है, एक तुझे नहीं आता … एक मुझे नहीं आता … !
बल्कि वो उम्मीदें धोखा दे जाती है, जो दूसरों से रखते हैं.
मिला साथ धागे का फितरत ही बदल गयी.
जिसकी कदर करो वो वक़्त नहीं देता और जिसको वक़्त दो वो कदर नहीं करता.