सुविचार 1436
मस्त विचार 1353
जिंदगी ने दिया है जब इतना बेशुमार यहाँ, तो फिर जो नहीं मिला उसका हिसाब क्या रखें,
दोस्तों ने दिया है इतना प्यार यहाँ, तो दुश्मनी की बातों का हिसाब क्या रखें,
दिन हैं उजालों से इतने भरपूर यहाँ, तो रात के अँधेरों का हिसाब क्या रखे,
खुशी के दो पल काफी हैं खिलने के लिये, तो फिर उदासियों का हिसाब क्या रखें,
हसीन यादों के मंजर इतने हैं जिन्दगानी में, तो चंद दुख की बातों का हिसाब क्या रखें,
मिले हैं फूल यहाँ इतने किन्हीं अपनों से, फिर काँटों की चुभन का हिसाब क्या रखें,
चाँद की चाँदनी जब इतनी दिलकश है, तो उसमें भी दाग है, ये हिसाब क्या रखें,
जब खयालों से ही पलक भर जाती हो दिल में. तो फिर मिलने, ना मिलने का हिसाब क्या रखें,
कुछ तो जरूर बहुत अच्छा है सभी में यारों, फिर जरा सी, बुराइयों का हिसाब क्या रखें.
सुविचार 1435
Quotes by सुभाष चंद्र बोस
सुविचार 1434
मस्त विचार 1352
भरोसा करके लूट जाना बेहतर है.
सुविचार 1433
..जीना वो ही सीखता है जो पग पग संभल कर चलता है.
Collection of Thought 431
जीवन में हर समस्या के अंदर एक उपहार होता है.. इसलिए जब आप समस्या का सामना करें तो परेशान न हों _ इसका अंत आपकी अपेक्षा से अधिक सुंदर हो सकता है.






