सुविचार 1585
सोच ये ना रखें की मुझे रास्ता अच्छा मिले,
बल्कि ये होना चाहिए कि मैं जहां पांव रखूं वो रास्ता अच्छा हो जाए.
उतना ही छोटा हमारी वास्तविक सफलता का दायरा होगा.
पर जब तक खुद से न मिलो, अकेले हो.
बहुत से लोगों के लिए ये अभी भी सपना हैं !
अकेला मुझे छोड़ इस बेदर्द दुनिया में, तड़पता छोड़ कर तुमको मिला क्या.