मस्त विचार 1391
एक मैं ही हूँ की समझा नहीं खुद को आज तक,
एक दुनिया है न जाने मुझे क्या क्या समझ लेती है.
एक दुनिया है न जाने मुझे क्या क्या समझ लेती है.
उन बातों से दूर ही रहना चाहिए.
खुशनसीब हैं वो जो दिन-ब-दिन ज़िंदगी जी लेते हैं, शिकायत बहुत कम करते हैं, और ज़िंदगी में छोटी-छोटी चीज़ों के लिए शुक्रगुज़ार होते हैं.
यदि आपको दयालु होने और सही होने के बीच चयन करना है, तो दयालु होना चुनें और आप हमेशा सही रहेंगे.
क्यूंकि घर की जिम्मेदारी है मुझ पर….
उसके लिए दुख करना बंद कर दो.!!