मस्त विचार – अपने साए को इतना समझाने दे – 1463
मुझ तक मेरे हिस्से की धूप आने दे.
एक नज़र में कई ज़माने देखे तो,
बूढ़ी आँखों की तस्वीर बनाने दे.
बाबा दुनिया जीत के मैं दिखला दूँगा,
अपनी नज़र से दूर तो मुझको जाने दे.
मैं भी तो इस बाग़ का एक परिंदा हूँ,
मेरी ही आवाज़ में मुझको गाने दे.
फिर तो ये ऊँचा ही होता जाएगा,
बचपन के हाथों में चाँद आ जाने दे.
फ़सलें पक जाएँ तो खेत से बिछ्ड़ेंगी,
रोती आँख को प्यार कहाँ समझाने दे.
Quotes by विक्टर ह्यूगो
Collection of Thought 484
अपनी शक्ल-सूरत या चिंता पर ज्यादा समय न लगाएं; न तो लंबी अवधि में कुछ भी हल होगा.
मस्त विचार 1462
यदि हम थोड़ी देर प्रतिछा कर लें, तो वह हरी हो जाती है.
_ फूलों के उगने की राह देखी जाती है, काँटों की नहीं..!!
सुविचार 1570
मस्त विचार 1461
_ उन्हें दूर करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है..
सुविचार 1569
मस्त विचार 1460
जो किसी के लिए ऊपर जाती हैं और किसी के लिए नीचे आती हैं.
सुविचार 1568
एक शब्द करे औषधि, एक शब्द करे घाव !
शब्द संभाले बोलिए, शब्द खींचते ध्यान !
शब्द मन घायल करे, शब्द बढ़ाते मान !
शब्द मुहँ से छूट गया, शब्द न वापस आय…
शब्द जो हो प्यार भरा, शब्द ही मन में समाए !
शब्द में है भाव रंग का, शब्द है मान महान !
शब्द जीवन रूप है, शब्द ही दुनिया जहान !
शब्द ही कटुता रूप दे, शब्द ही बैर हटाए !
शब्द जोड़ दे टूटे मन, शब्द ही प्यार बढ़ाए…




