मस्त विचार 1324
अपने आज पर इतना न इतरा यारो,
वक़्त की धारा में अच्छे अच्छे को मजबूर हुआ देखा है.
वक़्त की धारा में अच्छे अच्छे को मजबूर हुआ देखा है.
_ हो जाए गर बासी तो भी लज्ज़त कम नहीं होती..!
_ जहाँ से आता है रोटी, कपड़ा और मकान..
हमारे गुणों के स्तम्भों पर ही सफलता प्राप्त होती है,_ जिसके पास गुण नहीं है वह इसके योग्य नहीं है, लेकिन वह अपनी मेहनत से उन्हें विकसित कर सकता है.