मस्त विचार 1302
कब तक झूठे सहारे ढूंढते रहोगे ?
कब तक झूठे सहारे ढूंढते रहोगे ?
उसे समझने की कोशिश न कर.
सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,
उसमे उलझने की कोशिश न कर.
चलते वक़्त के साथ तू भी चल,
उसमे सिमटने की कोशिश न कर.
अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले,
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर.
मन में चल रहे युद्ध को विराम दे,
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर.
कुछ बाते रब पर छोड़ दे,
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर.
जो मिल गया उसी में खुश रह,
जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर.
रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा,
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर.
होगा वैसा, जैसा नजरिया होगा.
सभी दिनों में सबसे अधिक बर्बाद वह है जो बिना हँसी के है.
_ काश की अपनों मेँ कोई तो अपना होता..
आप कैसे कार्य करते हैं, इसके लिए आप हमेशा जिम्मेदार होते हैं, चाहे आप कैसा भी महसूस करें.