मस्त विचार 1306
हर समय उंगली पकड़कर चलने का स्वभाव मत बनाओ,
अपने आप चलने का आनन्द ही कुछ और है.
अपने आप चलने का आनन्द ही कुछ और है.
हम अतीत को नहीं बदल सकते, लेकिन सुखद अंत के साथ एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं.
..तो बुरे लगने लगते है.
क्योंकि हर ठोकर व्यक्ति को सबक दे कर जाती है.
शिकायत मत करो; या तो इसके बारे में कुछ करो या इसे भूल जाओ और आगे बढ़ो.
हर कोई खुश रहे, यह चाहत है मेरी,
भले ही मुझे कोई याद करे या न करे,
लेकिन हर अपने को याद करना आदत है मेरी.