मस्त विचार 1347
तुम बढ़ते जाना…….
तुम बढ़ते जाना…….
किसी शख्स के जख्म पर मरहम किया है, यदि तूने तो, खुदा की बंदगी की है.
_ उसके पास से उसका सब समेट कर.. उसे बिल्कुल असहाय छोड़ के चल देता है..!!
अगर आपको छोडना ही है, तो अपनी कमजोरियाँ छोड़िये.
_ समझ लीजीए कि आप का पाला एक दोगले व्यक्ति से पड़ा है..!!
_ सामने मीठे, पीठ पीछे ज़हरीले.!!
उच्च महत्वाकांक्षाओं के साथ जीना एक कला है, _ इसके साथ कोई पैदा नहीं होता है, _ यहां पृथ्वी पर हर कोई इसे सीखता है और इस कला को सीखने के लिए आपको अपने और अपने लक्ष्य पर अत्यधिक विश्वास होना चाहिए.