सुविचार 1430

आपका ये जीवन आप ही की सोच का नतीजा है, _

अगर आप जीवन में दुख पा रहे हैं, _ तो याद रखें की ये पूरा जीवन आप ही की सोच का नतीजा है ;

_ अगर ये आपको नहीं पसंद, तो आपको आपकी सोच बदलनी पड़ेगी ;

_ जैसे ही आप अपनी सोच को देख कर बदलोगे, धीरे धीरे जीवन भी बदलना शुरू हो जाएगा ;

अच्छे और बुरे दोनो अनुभवों को एक साथ जोड़ने पर ही जीवन बनता है ; _जीवन सुख दुख के टुकड़ों में नही बंटता _बल्कि सुख दुख को जोड़ कर ही जीवन पूरा हो पाता है.!!

मस्त विचार 1349

क्या जाने अगला पल हमको

किस मंजिल तक लेकर जाए

हँसी खुशी की सौगातें दे

या जीभरकर हमें रुलाए

अतः नहीं अच्छा है बिल्कुल

जग में नफरत के विष बोना

नहीं चाहिए कि हम कलुषित

रखें मन का कोई कोना

रहना है तो रहो प्रेम से

नहीं किसी से नफरत करना

करना है यदि प्यार किसी से

समझो अपने से ही करना!

 

सुविचार – 1428

जीवन में भले ही विश्राम न हो, किन्तु आनन्द अवश्य होना चाहिए.
आने वाले कल के लिए हमें अपना आज का आनन्द नहीं खोना चाहिए,
_क्या पता कल आए या न आए और आए भी तो उसी रूप में न आए, जिस रूप में हम सोच बैठे हैं.

सुविचार 1427

आप अपने आप को तभी बदल सकते हैं, जब आप अपने मन को प्रभावित करने वाले कारकों पर नियंत्रण रखते हैं.

Collection of Thought 429

Be helpful. When you see a person without a smile, give them yours.

मददगार रहें, _ जब आप किसी व्यक्ति को बिना मुस्कान के देखते हैं, तो उसे अपनी मुस्कान दें.

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