Collection of Thought 387
आलोचक क्या कहते हैं, इस पर ध्यान न दें _ किसी आलोचक के सम्मान में कभी भी मूर्ति नहीं लगाई गई है.
आलोचक क्या कहते हैं, इस पर ध्यान न दें _ किसी आलोचक के सम्मान में कभी भी मूर्ति नहीं लगाई गई है.
रवैया एक छोटी सी चीज है जिससे बहुत फर्क पड़ता है.
कश्ती हदे तूफां से निकल सकती है,
मायूस न हो, इरादे न बदल.
तकदीर किसी भी वक़्त बदल सकती है.
Don’t do anything. Only see how can you be so weak because every person speaks according to its mentality………..so keep your mind and mentality bright and enjoy……..don’t bother about those peoples.
जब कोई हमें परेशान करे तो हमें क्या करना चाहिए ?
कुछ मत करो, _ बस इतना देखिये कि आप इतने कमजोर कैसे हो सकते हैं क्योंकि हर व्यक्ति अपनी मानसिकता के अनुसार बोलता है……. इसलिए अपने दिमाग और मानसिकता को उज्ज्वल रखें और आनंद लें…….उनकी परवाह न करें..
आपस के प्रेम के स्त्रोत उतने ही अधिक होंगे.
हम जीवन से प्यार करते हैं, इसलिए नहीं कि हम जीने के अभ्यस्त हैं बल्कि इसलिए कि हम प्यार करने के अभ्यस्त हैं.
अगर ‘वक़्त’ हमारा ‘अच्छा’ हो !