मस्त विचार 4491
बेवजह शोर मचाने से सुर्खियां नहीं मिला करती,
कर्म करोगे तो खामोशियां भी अखबारों में छपेंगी..
कर्म करोगे तो खामोशियां भी अखबारों में छपेंगी..
लोग भावनाओं में बहा कर फायदा बहुत उठाते हैं.
उठ बाँध कमर और लिख दे खुद तकदीर अपनी..
क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना_ यह समझदारी नहीं मूर्खता है..
लम्हे थे____गुजर गए…
हम खुश हैं, अपनी तकलीफों के साथ..!!
आपका भाग्य आपके हाथों में है, आपके विचारों और आपकी भावनाओं के माध्यम से..
क्योंकि फिक्र दिल में होती है शब्दों में नहीं और गुस्सा शब्दों में होता है दिल में नहीं..