सुविचार 1487
मुसीबत में फंसने पर हम अक्सर हार मान लेते हैं. परिस्थितियों के आगे घुटने टेक देते हैं. लेकिन, बिना अपना धैर्य खोये अगर हम कोशिश करेंगे तो मुसीबत में भी अपने लिए रास्ता निकाल सकते हैं.
गुमान रहे सबको तेरी खुशमिज़ाजी का…
सब ठीक हो जाएगा, बस समय की बात है.
तेरे “नाम की मस्ती में खुश रहने का मजा ही कुछ और हैं..!
इसलिए आने वाले कल में जो भी अच्छा करने की चाह हो,, उसकी शुरुआत आज से ही करना चाहिए.
एक दुनिया है न जाने मुझे क्या क्या समझ लेती है.
उन बातों से दूर ही रहना चाहिए.
खुशनसीब हैं वो जो दिन-ब-दिन ज़िंदगी जी लेते हैं, शिकायत बहुत कम करते हैं, और ज़िंदगी में छोटी-छोटी चीज़ों के लिए शुक्रगुज़ार होते हैं.