उत्तम पुरुषों की संपत्ति का मुख्य प्रयोजन यही है कि औरों की विपत्ति का नाश हो.
मस्त विचार 1330
किसी से डरते क्यों हो ?
दबा के मन की बात, मौन तुम धरते क्यों हो ?
शरीर में मुहं में जिह्वा, खुल कर अपनी बात कहो.
मरने पर चुप रहना, जिन्दा मरते क्यों हो ?
अरे, भले तुम से तो “मूर्ख” ही लगते हैं.
भले निरर्थक सही, मगर कुछ कहते हैं.
तुम सुशिछित होकर, भला हिचकते क्यों हो ?
चलो होंठ खोलो, अब यह संकोच हटाओ.
बोल उठो, मृदु बोलो, सफल तुम भी कहलाओ.
उठो, भरो हुंकार, समर से हटते क्यों हो ?
किसी से डरते क्यों हो ?
सुविचार 1403
अच्छा आचरण के बिना ज्ञान केवल भार होता है.
मस्त विचार 1329
इंसान पूरी जिंदगी वह करने में बिता देता है जो हो नहीं सकता “दूसरों को बदलना”
पर वह नहीं करता जो हो सकता है “खुद को बदलना”..
सुविचार 1402
आप चाहो जितना पवित्र शब्दों को पढ़ो या बोलो लेकिन जब तक आप उनको जीवन में अमल ना करो तब तक सब बेकार है.
Collection of Thought 422
The world will provide you with stones every day; what you build out of it is you outlook- A bridge or a wall.
संसार आप को प्रतिदिन पत्थर देगा; आप इससे जो निर्माण करते हैं, वह आपका दृष्टिकोण है – एक पुल या एक दीवार.
Quotes by Lyndon B. Johnson
Yesterday is not ours to recover, but tomorrow is ours to win or lose.
Quotes by Napoleon Hill
Whatever the mind of man can conceive and believe it can achieve.
मनुष्य का दिमाग जो सोच सकता है और विश्वास कर सकता है वह हासिल कर सकता है.
The starting point of all achievement is desire.
सभी उपलब्धि का प्रारंभिक बिंदु इच्छा है.
मस्त विचार 1328
छोटी छोटी खुशियां ही तो जीने का सहारा होती है..
ख्वाहिशों का क्या वो तो पल पल बदलती रहती है..
सुविचार 1401
झूठे दिलासे से स्पष्ट इंकार बेहतर है.




