Collection of Thought 316
शेर अपने शिकार पर अंतिम छलांग लगाने से पहले एक कदम पीछे हट जाता है, _ उसी तरह, जब आप जीवन में वापस सेट हों, तो अपनी बड़ी छलांग के लिए तैयार रहें.
शेर अपने शिकार पर अंतिम छलांग लगाने से पहले एक कदम पीछे हट जाता है, _ उसी तरह, जब आप जीवन में वापस सेट हों, तो अपनी बड़ी छलांग के लिए तैयार रहें.
जिन मसलों का हल नहीं, उसे समय पर छोड़.
क्रोध से आपको कुछ हासिल नहीं होगा, _ तो इस तरह की चीज़ों में अपना समय क्यों बर्बाद करें ?
इतना नहीं कि जितना रुलाता है आदमी;
माना गले से सब को लगाता है आदमी;
दिल में किसी-किसी को बिठाता है आदमी;
सुख में लिहाफ़ ओढ़ के सोता है चैन से;
दुख में हमेशा शोर मचाता है आदमी;
हर आदमी की ज़ात अजीब-ओ- गरीब है;
कब आदमी को दोस्तो! भाता है आदमी;
दुनिया से ख़ाली हाथ कभी लौटता नहीं;
कुछ राज़ अपने साथ ले जाता है आदमी………!!!!
गहन प्रेम मापता नहीं है, देता है.
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं….
कुछ सकारात्मक कहें और करें जिससे स्थिति में मदद मिले; शिकायत करने में दिमाग नहीं लगता.