मस्त विचार 1098
अगर मै चल न सकूँ साथ आपके,
तो आप ही कदम से कदम मिलाते रहना.
अगर मै चल न सकूँ साथ आपके,
तो आप ही कदम से कदम मिलाते रहना.
बस खुद को “मजबूत” बनाना पड़ता है.
साझा करने पर खुशी हमेशा बढ़ती है और सभी को खुश बनाती है.
पर समझ हमेशा कर्म से दिखायी देती है.
खुश रहो इसलिए नहीं कि सब कुछ अच्छा है, बल्कि इसलिए कि आप हर चीज का अच्छा पक्ष देख सकते हो.
चाहे लोग कहे कुछ भी, तू तो जिम्मेदारी रख,
वक्त पड़े काम आने का, पहले अपनी बारी रख,
मुसीबतें तो आएंगी, पूरी अब तैयारी रख,
कामयाबी मिले ना मिले,जंग हौंसलों की जारी रख,
बोझ लगेंगे सब हल्के, मन को मत भारी रख,
मन जीता तो जग जीता,कायम अपनी खुद्दारी रख.
अहंकारियों के बारे में अच्छी बात यह है कि वे दूसरे लोगों के बारे में बात नहीं करते हैं.