Collection of Thought 281
प्रेम ही एक ऐसी शक्ति है जो शत्रु को मित्र में बदलने में सक्षम है.
मस्त विचार 1163
फूट फूट कर फिर रोने को मन करता है,
मन पागल है, कुछ भी खोने से डरता है,
जो खोया है फिर पाने को मन करता है.
सुविचार 1225
Collection of Thought 280
क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं.
मस्त विचार 1162
तुम कभी अपने ख़यालात बदल कर देखो.
सुविचार 1224
Collection of Thought 279
सफलता पिछली तैयारी पर निर्भर करती है, और ऐसी तैयारी के बिना असफलता निश्चित है.
मस्त विचार 1161
ऊँची – नीची डगर हमारी, पथरीली चट्टानें.
बिछे हुए हैं पग-पग पर काँटें, देख लगे मुस्काने.
सहता दुःख की चोट निरन्तर,पर आगे बढ़ते जाना.
हँसता रहता, कभी अधर पर अपने आह न लाता.
जिसे न कोई सुनने वाला, मैं हूँ वह अफसाना.
मत पूछो तुम परिचय मेरा, मैं राही दीवाना.




